प्रथा तोड़ घर की छत पर चढ़ महिला ने खुद की मरम्मत
आदित्यपुर, जून 23 -- आज के आधुनिक युग में भी कई समाज रूढ़िवादी परंपराओं को शिद्दत से मानते हैं। आदिवासी संताल समाज में ऐसी रूढ़ियां आज भी प्रभावी हैं। पश्चिमी सिंहभूम के सोनुवा प्रखंड अंतर्गत राघोय गांव में कोल्हान सेंगेल महिला मोर्चा की प्रमंडल अध्यक्ष प्रेमशीला मुर्मू ने सदियों पुरानी सामाजिक बंदिशों को दरकिनार कर अपने खपरैल घर की छत पर चढ़कर उसकी खुद मरम्मत की। आदिवासी संताल समाज की परंपरागत रूढ़ियों के अनुसार, महिलाओं के लिए खपरैल या फूस के घर की छावनी करना पूरी तरह वर्जित माना जाता रहा है। इसके पीछे महिलाओं के मासिक धर्म को अपवित्र मानने की संकीर्ण सोच रही है, जिसके आधार पर उन्हें जाहेरथान में प्रवेश और छत पर चढ़ने से रोका जाता था। यह भी पढ़ें- दहेज और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान, कर्पूरी नाई विकास संघ की संगोष्ठी...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.