लखनऊ, फरवरी 9 -- किसी भी देश की अर्थव्यवस्था सीधे तौर पर बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) से जुड़ी होती है। भारत शोध के क्षेत्र में तो मजबूत है, लेकिन उस शोध को सुरक्षित रखने और उसका सही उपयोग करने की समझ आईपीआर के माध्यम से मिलती है। पहले भारतीय स्वामी विवेकानंद ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आईपीआर का प्रभावी उपयोग किया। ये जानकारी सोमवार को बीबीएयू में बौद्धिक संपदा अधिकारी पर आयोजित कार्यशाला में एग्जामिनर ऑफ पेटेंट डिजाइन एंड नीपैम ऑफिसर डॉ. यासिर अब्बास जैदी ने कहीं। उन्होंने से आह्वान किया कि संकाय सदस्य प्रत्येक विश्वविद्यालय में स्टार्टअप से जुड़ी टीमों का गठन करें। हर संस्थान से अनेक स्टार्टअप उभर सकें। इस दिशा में ठोस पहल की जाए, तो वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य को साकार करने में आईपीआर की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ब...