चतरा, फरवरी 12 -- पशुओं में खुरहा बिमारी फैलने से पशुपालकों को परेशानी काफी बढ़ गयी है। पशुओं में खुरहा रोग के कारण तेज बुखार, मुंह, जीभ और खुरो के बीच में फफोला रूपी जख्म बन जाता है। जिससे पशुओ को चलने-फिरने व खाने-पीने में काफी कठिनाई हो जाती है। जिस कारण दुधारू पशुओ के दुध में भारी गिरावट आ जाता है। जो पशु 20 लीटर दूध देता था उस पशु को यह रोग होने पर उसका दूध घटकर दो से तीन लाटर हो जाता है। इसके अलावा बैल में यह रोग होने पर खेत की जोताई करना पुश्किल हो जाता है। क्योंकि वह जरा सा भी धूप सहन नहीं कर पाता है। चतरा जिला में यह बिमारी तीन माह पूर्व इटखोरी प्रखंड में हुआ था। परंतु अभी पूर्ण रूप से नियंत्ररण में है। इस बिमारी से पशुओ की जल्दी मौत तो नहीं होती है लेकिन पशुपालकों की परेशानी जरूर बढ़ जाती है। पशुपालक बाजो साव, रामू यादव, राहुल चंद...
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