गोरखपुर, अप्रैल 3 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता किसानों को जरूरत के अनुसार संतुलित मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला कृषि अधिकारी ने नई व्यवस्था लागू करते हुए प्रति हेक्टेयर अधिकतम 5 बोरी डीएपी और 7 बोरी यूरिया वितरण की सीमा निर्धारित की है। निर्देशों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।जिला कृषि अधिकारी देवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। ताकि उर्वरकों का सही उपयोग हो और किसी प्रकार की कालाबाजारी या जमाखोरी पर रोक लगाई जा सके। उन्होंने सभी उर्वरक विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे किसानों की जोतबही/खतौनी के आधार पर ही उर्वरकों की बिक्री करें। निर्देशों के अनुसार निर्धारित सीमा से अधिक उर्वरक बेचने पर संबंधित विक्रेता के...