प्रतिभाएं तो बहुत, तराशने के लिए संसाधनों का टोटा
हमीरपुर, जून 22 -- हमीरपुर, संवाददाता। शहर के हरे-भरे स्टेडियम में प्रतिभाओं को तराशने के लिए सरकारी इंतजाम नाकाफी हैं। यहां प्रतिभाशाली खिलाड़ी तो बहुत हैं, मगर संसाधनों का संकट और ट्रेनिंग के लिए अच्छे उपकरणों का संकट बना रहता है। खिलाड़ियों को जरूरी साजोसामान के लिए भी कई-कई दिनों तक प्रतीक्षा करनी पड़ती है। मैदान में ट्रैक की लेन तक नहीं दिखती। हॉकी, वॉलीबाल जैसे खेलों में कोचों का संकट है। मेजर ध्यानचंद के जन्मदिन पर हॉकी खेलकर रस्म अदायगी कर दी जाती है। राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में इस वक्त बिल्डिंग बन रही है। यहां मुख्य रूप से एथलेटिक्स, क्रिकेट और फुटबाल के कोच प्रशिक्षण दे रहे हैं। संसाधनों का संकट यहां शुरू से बना रहा है। अब खेलों इंडिया के तहत युवाओं को एथलेटिक्स की कोचिंग दी जा रही है। कई युवा राज्य स्तर पर स्थान भी प्राप्त कर चु...
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