नई दिल्ली, मार्च 31 -- प्रभात कुमार नई दिल्ली।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल को पूरी तरह से प्रतिबंधित करने के बजाए, निगरानी के लिए नियामक ढांचा/कानून बनाए जाने की वकालत की है। मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि पूरी तरह से प्रतिबंध अक्सर अव्यवहारिक होता है, इसलिए बच्चों के उम्र के हिसाब से सोशल मीडिया के इस्तेमाल के लिए केंद्र सरकार को नियामक कानून /दिशा-निर्देश बनाने का सुझाव दिया है। एनएचआरसी ने कहा है कि 13 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया प्लेटफार्मों का स्वतंत्र इस्तेमाल की इजाजत नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही कानून बनाते समय बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग के लिए ऑस्ट्रेलिया में अपनाए गए तरीकों को ध्यान में रखने को कहा है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हाल ही में 'बच्चों की सोशल मीडिया...
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