रांची, मार्च 22 -- सोनाहातू,प्रतिनिधि। प्रखंड के दानाडीह क्रिकेट मैदान में आयोजित तीन दिनी सुखद सत्संग कार्यक्रम के अंतिम दिन रविवार को राष्ट्रीय संत असंग देव जी ने कहा कि मनुष्य का जीवन तभी सार्थक बनता है जब वह प्रतिदिन कुछ अच्छा सीखता है। नित्य ज्ञान, दान और ध्यान से जीवन में संतोष भर जाता है। नित्य ज्ञान का अर्थ है हर दिन कुछ नया सीखना। ज्ञान केवल किताबों तक सीमित नहीं होता, बल्कि जीवन के अनुभव, बड़ों की बातें और प्रकृति भी हमें बहुत कुछ सिखाती है। जब हम रोज थोड़ा-थोड़ा ज्ञान अर्जित करते हैं तो हमारा विवेक जागृत होता है और हम सही-गलत का भेद समझ पाते हैं।नित्य दान का मतलब सिर्फ धन देना नहीं है। दान में मुस्कान, प्रेम, समय और सहायता भी शामिल है। अगर हम रोज किसी की मदद करें, किसी दुखी को सहारा दें, तो यही सच्चा दान है।नित्य ध्यान आत्मा की...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.