जमुई, जून 11 -- जमुई । हिन्दुस्तान संवाददाता जिले में आपदा प्रबंधन विभाग की व्यवस्था कोई खास अच्छी नहीं दिख रही है। आपदा प्रबंधन में प्रचार-प्रसार के नाम पर खानापूर्ति हो रही है। जिले के लोगों को यह भी नहीं पता है की आपदा में क्या-क्या आता है और उसमें सरकार द्वारा सहायता राशि क्या दिया जाता है। इसकी भी समुचित ढं़ग से जानकारी नहीं है। भले ही अधिकारी अपनी पीठ अपने से ही क्यों न थपथपा ले लेकिन सरजमीं पर वस्तु स्थिति कुछ और है। बारिश हो या ना हो आसमान में घटा लगने के बाद जिले में वज्रपात की संभावनाएं आए दिन बनी रहती है। पिछले दो-तीन साल से जिले में वज्रपात और सड़क दुघर्टनाएं काफी हुई है। आसमान में बादल घिरते ही वज्रपात की डर मजदूर तबके के लोगों को समाए रहता हैं। पिछले साल जिले में वज्रपात की घटना काफी हुई। वज्रपात में जिले के कई मवेशियों के सा...
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