बांदा, अप्रैल 20 -- बांदा। गर्मी के बीच राजकीय नलकूप भी दगा दे रहे हैं। कहीं फुंके ट्रांसफार्मर नहीं बदले जा रहे हैं तो कहीं स्टार्टर व मोटर गड़बड़ हैं। शिकायतों के बावजूद नलकूप व बिजली विभाग के अधिकारी एक दूसरे के पाले में गेंद डाल रहे हैं। किसानों का कहना है भीषण तपन के बीच नलकूप बंद होने से पशु-पक्षियों को भी पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। तालाब-पोखरे सूख गए हैं। जायद फसलों की सिंचाई गर्मी से जल्दी-जल्दी करनी पड़ रही है, पर नलकूप खराब होने से फसलें सूख रही हैं। आपके अपने हिन्दुस्तान अखबार ने सोमवार को ग्रामीण क्षेत्रों में राजकीय नलकूपों की पड़ताल की तो हकीकत सामने आई। यह भी पढ़ें- नलकूप-174, लोहारी, तिंदवारी : दो वर्ष से नहीं हुआ चालू, लगा रहे चक्कर जनपद में 500 राजकीय नलकूप हैं। इनमें डेढ़ सौ बंद हैं। दस नलकूपों में स्थायी खराबी है। इ...