पाकुड़, अप्रैल 14 -- महेशपुर। चैत्र मास की संक्रांति तिथि को मनाया जाने वाला सतुआनी पर्व मंगलवार को प्रखंड क्षेत्र में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस मौके पर घर की बुजुर्ग महिलाओं ने चना एवं जौ से तैयार सत्तू, आम की चटनी व आम का टिकोला, गुड़ भगवान को भोग लगाकर सपरिवार उसे प्रसाद के रूप में ग्रहण किया। सतुआनी पर्व को लोग विसुआ के नाम से भी जानते हैं। हिदू सनातन धर्म का पर्व सतुआनी पर स्नान एवं दान का महत्व है। सतुआनी के पश्चात रात में बेसन से निर्मित कढ़ी-बढ़ी एवं चावल का भोग लगा परिवार के सभी सदस्य प्रसाद के रूप में ग्रहण करते हैं। यह भी पढ़ें- Satuan Sankranti 2026: सूर्य के मेष राशि में आते ही होती है सतुआन संक्रांति, जानें क्यों है आज सत्तू खाने की परंपरा इसके अलावा रात में बने भोजन को सतुआनी के अगले दिन सुबह बासी प्रसाद के रूप में ग्रहण कर...