घाटशिला, मार्च 30 -- मुसाबनी,संवाददाता। प्यास बुझाने की लाइफ लाइन माने जाने वाले प्रखंड के अधिकतर चापाकल या तो खराब पड़े हैं या वह पूर्ण रूप से जर्जर अवस्था में है। लेकिन मरम्मत करने का कार्य कहीं दिखाई नहीं दे रहा है। वहीं मार्च लगभग गुजर चुका है। मौसम की आंखमिचौनी के बीच गर्मी का आभास होने लगा है। गर्मी पड़ने पर आम ग्रामीणों को प्यास बुझाने एवं जरूरत के पेयजल के लिए दिक्कतों का सामना प्रत्येक वर्ष करना पड़ता है। समय रहते प्रखंड में खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत का कार्य नहीं कराया जाता, जिसके कारण समस्या उत्पन्न होती है।प्रखंड में विशेष कर ग्रामीण क्षेत्रों की अधिकतर आबादी चापाकल पर ही निर्भर रहती है। हर जगह अधिकतर चापाकल खराब पड़े हैं। समय रहते चापाकलों की मरम्मत का कार्य कराया जाना चाहिए। बता दें कि पाइप लाइन से पेयजल आपूर्ति का कार्य प...