वाराणसी, जनवरी 4 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। संगीत और पर्यावरण दोनों का अस्तित्व प्रकृति से ही है। संगीत का पर्यावरण पर और पर्यावरण का संगीत पर विशिष्ट प्रभाव पड़ता है। कल तक हम दंत कथाओं और पौराणिक आख्यानों के माध्यम से इस सच को जानते-समझते थे। आज विज्ञान ने भी इसे प्रमाणित कर दिया है। ये बातें श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के मुख्य कार्यपालक अधिकारी डॉ. विश्वभूषण मिश्र ने कहीं। वह रविवार को बीएचयू के भारत अध्ययन केंद्र में 'संगीत एवं पर्यावरण के अंतरसंबधीय आयाम' विषयक संगोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। ग्रीन इको मूवमेंट सोसायटी, भाव प्रभा पद्म संस्थान एवं अनुनाद इंडिया फाउंडेशन की ओर से हुई संगोष्ठी में डॉ.मिश्र ने कहा कि वैज्ञानिक तथ्यों के आधार पर सर जगदीश चंद्र बसु ने वनस्पतियों के साथ-साथ धातु एवं पाषाण में भी चे...
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