पाकुड़, जनवरी 3 -- प्रकृति विहार पार्क का अस्तित्व खतरे में, जर्जर हो गए मनोरंजक सामान अमड़ापाड़ा, एक संवाददाता। प्रखंड का प्रमुख पर्यटन स्थल प्रकृति विहार पार्क प्रशासनिक उपेक्षा और संबंधित कंपनी की लापरवाही के चलते बदहाली की ओर बढ़ता जा रहा है। जिला प्रशासन और वेस्ट बंगाल पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (डब्ल्यूबीपीडीसीएल) की उदासीनता के कारण पार्क आज जर्जर अवस्था में पहुंच चुका है। पार्क का संचालन कर रहे मंटू भगत ने बताया कि नववर्ष के अवसर पर उनके स्तर से पार्क में लगे पेड़ों और छोटी-छोटी क्यारियों की रंग-रोगन कर सजावट की गई, ताकि आने वाले पर्यटकों को कुछ राहत मिल सके। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बीते लगभग दो वर्षों से डब्ल्यूबीपीडीसीएल ने सीएसआर के तहत प्रकृति विहार पार्क को गोद ले रखा है, बावजूद इसके पार्क के समुचित जीर्णोद्धार की दिशा में कंप...