सराईकेला, मार्च 22 -- सरायकेला,संवाददाता। झारखंड की संस्कृति और प्रकृति पर्व के प्रतीक सरहुल को लेकर जिले में शनिवार को उत्साह देखने को मिला। पाहन के जल रखाई और पूजा के बाद नगाड़ों के धून से पूरा क्षेत्र सरहुलमय हो उठा। आदिवासी समुदाय के लोग आंगन में सखुआ की टहनी गाड़ कर विधि-विधान से पूजा अर्चना की। जिले के विभिन्न सरना स्थलों में आदिवासी समुदाय के महिला-पुरुष, युवा और बुजुर्ग पारंपरिक वेशभूषा में सजकर शामिल हुए। समाज के लोगों ने सरना स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर अच्छी वर्षा, सुख-शांति और अच्छी फसल की कामना की।

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