संतकबीरनगर, जनवरी 21 -- संतकबीरनगर, हिन्दुस्तान टीम। संतकबीरनगर जिले में फसलों को कीटों से सबसे अधिक नुकसान होता है। आईपीएम प्रणाली से इस नुकसान को रोका जा सकता है। आईपीएम पद्धति में रासायनिक कीटनाशकों का प्रयोग नहीं किया जाता है और कीटों को पूरी तरह से नियंत्रित किया जा सकता है। यह जानकारी जिला कृषि अधिकारी, जिला कृषि रक्षा अधिकारी डा. सर्वेश कुमार यादव ने दी है। उन्होंने बताया कि कृषि को पर्यावरण अनुकूल एवं टिकाऊ बनाने के लिए आईपीएम पद्धति को अपनाना नितांत आवश्यक है। सोलर लाइट टैप्स (प्रकाश प्रपंच) का प्रयोग रात्रि में उड़ने वाले कीटों के नियंत्रण के लिए किया जाता है। यह प्रकाश प्रपंच फसलों में लगने वाले हानिकारक कीटों के जैविक तरीके से नियंत्रित करती है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सोलर लाइट टैप्स एक साधारण ऊंचाई का लैंप पोस्ट है, जि...
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