नई दिल्ली, दिसम्बर 11 -- सनातन धर्म में अमावस्या का दिन बेहद पवित्र माना जाता है और पौष माह में आने वाली अमावस्या को पौष अमावस्या कहा जाता है। यह तिथि स्नान, दान और पितरों को याद करने के लिए अत्यंत शुभ मानी गई है। माना जाता है कि इस दिन किए गए तर्पण और दान से पितर प्रसन्न होते हैं और जीवन से रुकावटें दूर होती हैं। घर-परिवार में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है।पौष अमावस्या 2025 तिथि पंचांग के अनुसार पौष अमावस्या इस वर्ष 19 दिसंबर 2025, शुक्रवार को है। अमावस्या तिथि प्रारंभ- 19 दिसंबर सुबह 4:59 बजे अमावस्या तिथि समाप्त- 20 दिसंबर सुबह 7:12 बजे उदयातिथि के नियम से सभी शुभ कार्य 19 दिसंबर को ही किए जाएंगे।स्नान-दान का शुभ समय पौष अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त सबसे शुभ माना गया है: ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 5:19 से 6:14 बजे इस दौरान स्नान, जप,...