बहराइच, अप्रैल 4 -- बहराइच,संवाददाता। सुजौली रेंज से लगे महाराजसिंह गांव के पास गन्ने के खेत में मृत मिली मादा तेंदुए के मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सामने नहीं आ सकी है। पूर्व की तरह फिर चिकित्सकों ने विसरा संरक्षित कर जांच को प्रयोगशाला भेजा है। डेढ़ साल में 12 तेंदुए की मौत ने सेंचुरी क्षेत्र में चल रहे संरक्षण की मुहिम को धक्का लगा है तो सुरक्षा को लेकर उठाए जा रहे कदम भी सवालों में घेरे में हैं। कतर्निया सेंचुरी क्षेत्र के 551 वर्ग किलोमीटर में फैले जंगलों संग आसपास के खेतों में बड़ी संख्या में तेंदुए विचरण करते हैं। शुक्रवार को सुजौली रेंज से लगे महाराजसिंह गांव के निकट गन्ने के खेत पांच वर्षीय मादा तेंदुए का शव बरामद किया गया है। विभाग पहले आपसी संघर्ष में मादा तेंदुए की मौत होना बताया,लेकिन शव पर संघर्ष के दूर तक निशान नह...