बरेली, अगस्त 31 -- बरेली, वरिष्ठ संवाददाता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सही दर्ज नहीं किए जाने और शव पर मिले चोटों के विवरण से रिपोर्ट का मिलान न होने की परेशानी दूर करने के लिए अब डॉक्टरों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। उनको फोरेंसिक मेडिसिन की ट्रेनिंग दी जाएगी। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने प्रदेश के डॉक्टरों को फोरेंसिक मेडिसिन का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके तहत प्रत्येक जिले से कम से कम पांच चिकित्सा अधिकारियों को कार्यशाला में शामिल कराया जाएगा। प्रशिक्षण का आयोजन स्टेट मेडिकोलीगल सेल, उत्तर प्रदेश की ओर से किया जाएगा। इसका उद्देश्य डॉक्टरों को पोस्टमार्टम एवं मेडिकोलीगल मामलों में आवश्यक फोरेंसिक जानकारी देना और रिपोर्ट तैयार करने में होने वाली गलतियों को कम करना है।

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