लखनऊ, अप्रैल 2 -- स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर केंद्र सरकार के लोकसभा में दिए गए जवाब के बाद अब यूपी में इस पर लड़ाई और तेज होगी। केंद्र ने स्पष्ट कर दिया है कि स्मार्ट प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर का प्रयोग करना उपभोक्ता का अधिकार है। इसके लिए उसे बाध्य नहीं किया जा सकता। प्रदेश में आरडीएसएस (रिवेम्प डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) योजना के तहत अभी बिजली मीटरों को प्रीपेड मोड में बदला जा रहा है। इनमें अधिकांश की सहमति नहीं ली गई है। अब उपभोक्ता परिषद ने इस मुद्दे को लेकर नियामक आयोग का दरवाजा खटखटाने का ऐलान किया है।यूपी की बात करें तो अब तक 75 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं। इनमें 70 लाख से ज्यादा उपभोक्ताओं की बिना सहमति के प्रीपेड मोड में बदले जा चुके हैं। उपभोक्ता परिषद अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा लोकसभा में केंद्रीय ऊर्ज...
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