किशनगंज, अप्रैल 16 -- किशनगंज। कुपोषण आज भी मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के समक्ष एक गंभीर चुनौती बना हुआ है, जो न केवल बच्चों के शारीरिक विकास को प्रभावित करता है, बल्कि उनके मानसिक एवं बौद्धिक विकास पर भी दीर्घकालिक प्रभाव डालता है। जीवन के प्रारंभिक वर्षों में उचित पोषण और देखभाल की कमी से उत्पन्न समस्याएं भविष्य में स्वास्थ्य और उत्पादकता दोनों को प्रभावित करती हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए 9 से 23 अप्रैल 2026 तक "8वां पोषण पखवाड़ा" मनाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य कुपोषण की रोकथाम, मातृ एवं शिशु पोषण में सुधार तथा स्वास्थ्य के प्रति व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देना है।आंगनबाड़ी यह भी पढ़ें- 23 तक चलेगा पोषण पखवाड़ा अभियान केंद्रों में माताओं की बैठक, जागरूकता से सशक्तिकरणपोषण पखवाड़ा के तहत जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में ग्रामीण स्वास्थ्य स्वच्...