बलिया, जून 12 -- रतसर, हिन्दुस्तान संवाद। नगर पंचायत, जनप्रतिनिधि और जिम्मेदारों की उदासीनता के कारण कस्बा स्थित प्राचीन हरिब्रह्म स्थान स्थित पोखरी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है। पौराणिक मान्यता वाले इस धार्मिक स्थल पर प्राचीन समय से ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु पोखरी में स्नान कर बाबा के दरबार में विधि-विधान से पूजन-अर्चन करने के साथ मन्नत मांगते हैं। लेकिन वर्तमान में पोखरी में पक्का घाट नहीं होने तथा पानी दूषित होने के कारण श्रद्धालु स्नान करने से कतराने लगे हैं। वर्षों से सफाई और खुदाई न होने के कारण पोखरी का अस्तित्व धीरे-धीरे समाप्ति की ओर बढ़ रहा है। कस्बा के लोगों का कहना है कि धार्मिक महत्व होने के बावजूद आज तक किसी जनप्रतिनिधि ने पोखरी के संरक्षण और सौंदर्यीकरण की दिशा में पहल नहीं की। पुजारी विष्णु दास ने बताया कि लगभग ...