नई दिल्ली, फरवरी 11 -- कलकत्ता हाईकोर्ट ने नाबालिगों के यौन शोषण मामलों में पीड़ितों या गवाहों को दोबारा न बुलाने के स्थापित नियम का अपवाद पेश करते हुए दोबारा जिरह करने की अनुमति दी। अदालत ने कहा कि प्रत्येक मामले में निर्णय उसके गुण-दोष के आधार पर किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति अपूर्बा सिन्हा राय ने निचली अदालत का आदेश रद्द कर दिया। निचली अदालत ने सात प्रमुख गवाहों से दोबारा जिरह करने की याचिका अस्वीकार कर दी थी, हालांकि उन्होंने जज की इस टिप्पणी से सहमति जताई कि पॉक्सो मामलों में जोखिम की आंशका वाले गवाहों को आरोपी के अनुरोध पर तुच्छ आधार पर बार-बार नहीं बुलाया जाना चाहिए। उत्तर और मध्य अंडमान की निचली अदालत के जज ने याचिकाकर्ता के अनुरोध को इस आधार पर खारिज कर दिया था कि सुप्रीम कोर्ट ने माना कि पॉक्सो मामलों में पीड़ित/गवाहों को दोबारा ...