नई दिल्ली, फरवरी 10 -- POCSO के दोषी यानी बच्ची से दरिंदगी करने के दोषी के सर्टिफिकेट्स को देखते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने सजा कम करने का फैसला लिया है। खबर है कि अदालत ने जेल में रहते हुए निबंध लिखने समेत कई कार्यक्रमों में भाग लेने के चलते उसकी उम्रकैद की सजा को 12 साल में बदल दिया है। हालांकि, अदालत ने अन्य कुछ बातों पर भी ध्यान देते हुए यह फैसला दिया है। दोषी ने 5 साल की बच्ची को शिकार बनाया था। हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, कोर्ट ने सजा कम करने की कई वजहें बताई हैं। कोर्ट ने कहा कि जब आरोपी ने अपराध किया, तो उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था। कोर्ट ने कहा, 'इस बात पर गौर करना भी जरूरी है कि आरोपी को जमानत पर रिहा नहीं किया गया। कोविड-19 के दौरान भी नहीं।' कोर्ट ने जेल में रहते हुए तीन सर्टिफिकेट हासिल करने की बात पर भी विचार क...