आजमगढ़, अप्रैल 1 -- आजमगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। पॉक्सो अधिनियम के तहत मामलों की जांच में सहायक व्यक्तियों की सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए एक बैठक मंगलवार को दीवानी न्यायालय के हॉल ऑफ़ जस्टिस में हुई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव नीतिका राजन ने कहा कि पॉक्सो के मुकदमों में पीड़ित और उसके परिजनों की पहचान हर हालत में छिपानी होती है। इन मुकदमों की विवेचना बड़ी संवेदनशीलता के साथ होनी चाहिए। पॉक्सो एक्ट के तहत शोषण के पीड़ित बच्चों को न्यायिक प्रक्रिया के दौरान मानसिक, भावनात्मक तथा विधिक सहयोग प्रदान करने के लिए सपोर्ट पर्सन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसे मामलों की जांच में पुलिस, प्रोबेशन अधिकारी, अभियोजन अधिकारी बाल कल्याण समिति जैसी सभी संस्थाओं को टीम भावना के साथ काम करना होगा। तभी पीड़ित पक्ष ...