पैरों में चप्पल, हाथ में मिसाइल! आखिर सेना जैसी वर्दी क्यों नहीं पहनते हूती लड़ाके?
सना, सितम्बर 12 -- यमन के हूती विद्रोहियों की तस्वीरें आपने जरूर देखी होंगी। हाथ में बंदूक, कंधे पर गोला-बारूद, सिर पर पारंपरिक कपड़ा और पैरों में अक्सर साधारण चप्पल। पहली नजर में ऐसा लगता है जैसे कोई सामान्य ग्रामीण लड़ाका हो। लेकिन यही हूती आज ड्रोन, मिसाइल और दूसरे आधुनिक हथियारों के इस्तेमाल के लिए दुनिया भर में चर्चा में हैं। तो सवाल उठता है कि आखिर इतने आधुनिक हथियार रखने वाले हूती लड़ाके सेना जैसी वर्दी और जूते क्यों नहीं पहनते? इसका जवाब समझने के लिए हूतियों की पूरी कहानी को थोड़ा पीछे जाकर समझना होगा।हूती आखिर हैं कौन? हूतियों का आधिकारिक नाम अंसार अल्लाह है। यह आंदोलन यमन के उत्तरी इलाके, खासकर सादा प्रांत में जायदिया शिया समुदाय के बीच उभरा। इस आंदोलन की जड़ें 1990 के दशक में दिखाई देती हैं। उस समय हुसैन बद्र अल-दीन अल-हूती के ...
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