नई दिल्ली, सितम्बर 23 -- हर बच्चे का व्यवहार अलग-अलग होता है। खासतौर पर फेलियर को एक्सेप्ट करने का उनका लेवल, जैसे उदाहरण के लिए एक बच्चा स्कूल से आने के बाद रिपोर्ट कार्ड को बैगमें छिपा देता है। वहीं दूसरा बच्चा अपने रिपोर्ट कार्ड के बारे में कोई जानकारी नहीं देता और जब पूछा जाता है तो बात बदल देता है। जबकि कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जो इंतजार करते हैं कि पैरेंट्स उनके रिपोर्ट कार्ड के बारे में पूछेंगे। बच्चों के इन सारे बिहेवियर के बारे में साइकोलॉजी में कहना है कि बच्चे अपने खराब स्कोर कार्ड को दिखाना नहीं चाहते लेकिन उनके लिए नंबर कम होने से ज्यादा उस रिपोर्ट कार्ड को पैरेंट्स को दिखाने पर आने वाले रिएक्शन को लेकर परेशानी रहती है।बच्चे फेलियर को कैसे एक्सेप्ट करेगा ये पैरेंट्स के साथ रिलेशनशिप पर निर्भर करता है स्कूल में बच्चे मिलने वाली ...