लखीमपुरखीरी, जुलाई 18 -- क्षेत्र के गांव शेखापुर निवासी डॉक्टर सौरभ बाजपेई ने औरैया में अस्पताल पर तैनाती के दौरान स्टाफ पर मानसिक, शारीरिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए यमुना नदी में छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली थी। उनका शव गुरुवार को बरामद हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद उनके पैतृक गांव शव पहुंचने पर कोहराम मच गया। एक झलक अपने बेटे को देखने के लिए भीड उमड़ पड़ी है। दोपहर में उनका गोमती तट पर अंतिम संस्कार किया गया है। मृतक के पिता नंदकिशोर वाजपेई ने बताया कि उन्होंने कर्ज लेकर और खेती किसानी से मेहनत कर बेटे सौरभ को डॉक्टर की पढ़ाई फर्रुखाबाद के एक प्राइवेट विद्यालय से कराई थी। उपलब्धि पर पूरा गांव गर्व करता था। औरैया के निजी अस्पताल में 6 वर्षों से सेवाएं दे रहे थे। प्रबंधक और स्टाफ कर्मियों ने संयुक्त रूप से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना देना शु...