बस्ती, अगस्त 12 -- बस्ती, हिन्दुस्तान टीम। पैगम्बरे-इस्लाम हजरत मोहम्मद सल. की वफात व उनके बड़े नवासे इमाम हसन की शहादत की याद मनाई गई। इमामबाड़ा शाबान मंजिल, गांधी नगर के परिसर में मंगलवार रात को अलम व ताबूत का जुलूस निकाला गया। सोगवारों ने नौहा व मातम कर आंसू बहाए। कार्यक्रम का संचालन कर रहे मौलाना हैदर मेहंदी ने बताया कि अरबी तारीख 28 सफर को पैगम्बर ने इस दुनिया को अलविदा कहा था। उनके मानने वालों के लिए यह दिन बड़ा सदमा था। पैगम्बर की बेटी हजरत फातिमा जहरा व उनके घरवालों ने पैगम्बर का सोग मनाया। वही सिलसिला आज भी जारी है। उन्होंने बताया कि पैगम्बर के घराने के दुश्मन सीरिया के शासक माविया ने इमाम हसन को रास्ते से हटाने के लिए उन्हें जहर दिलाकर शहीद करा दिया। इमाम हसन के मानने वाले आज भी उस शहादत की याद मनाते है। उन्होंने बताया कि हरे व ...