पैंसठ साल पहले जो लाल किले पर देखा
नई दिल्ली, अगस्त 14 -- गोपाल कृष्ण गांधी, पूर्व राज्यपाल अगस्त 15...स्वतंत्रता दिवस...तिरंगा...लाल किले के प्राचीर पर उसका फहराया जाना... साल 1960 या 1961... मैं पंद्रह-सोलह साल का हूं। मां से अनुमति लेकर विदेश से आए हुए अपने से कुछ बड़े एक युवक डेविड के साथ पहुंचता हूं लाल किले। भीड़ जमे, उससे पहले ही पहुंच जाने का इरादा है। पहुंचते भी हैं हम जल्दी ही, फटफटी में, लेकिन भीड़ हमसे भी पहले जम गई है। बेशुमार। फटफटी हमें उतार देती है, यहां से आगे सभी को पैदल ही जाना है। पास-वास कुछ नहीं है हमारे पास। जनता के साथ हम भी जनता। डेविड को देख लोग उसे परखने की कोशिश करते हैं। टूरिस्ट है। हिन्दुस्तान पहली बार आया लगता है बेचारा। पसीना छूट रहा है। चेहरा लाल हो गया है। बच्चे उसे देखकर 'सैल्यूट' करते हैं और कुछ 'शेकहैंड' के लिए हाथ बढ़ाते हैं। 'गुड मॉर्...
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