रांची, अप्रैल 21 -- खूंटी, संवाददाता। पेसा नियमावली-2025 में पेसा कानून-1996 और पारंपरिक ग्राम स्वशासन व्यवस्था के अनुरूप संशोधन की मांग को लेकर मंगलवार को झारखंड उलगुलान संघ के तत्वावधान में जिला समाहरणालय के समक्ष एक दिवसीय महाधरना आयोजित किया गया।  महाधरना को संबोधित करते हुए झारखंड उलगुलान संघ के संयोजक अलेस्टेयर बोदरा ने कहा कि राज्य सरकार ने पेसा नियमावली तो बना दी है, लेकिन इसके क्रियान्वयन में खुद उलझती नजर आ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान नियमावली पेसा कानून की मूल भावना और ग्राम स्वशासन व्यवस्था के विपरीत है। उन्होंने कहा कि केवल नीति-नियम में पारंपरिक ग्राम सभा लिख देने से वह पारंपरिक नहीं हो जाती, बल्कि उसके अनुरूप अधिकार भी दिए जाने चाहिए। आरोप लगाया कि नियमावली के माध्यम से पारंपरिक ग्राम सभा को ग्राम पंचायत और अधिका...