रांची, जनवरी 11 -- रांची, वरीय संवाददाता। मूलवासी सदान समाज की बैठक रविवार को रांची एक होटल में हुई। मूलवासी सदान समाज के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि मूलवासी सदान अपने बाल-बच्चों के भविष्य को लेकर गंभीर रूप से चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकार पेसा कानून में सरना धर्म और क्रिश्चियन समाज के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए संशोधन कर सकती है, तो फिर सदानों के अधिकारों को संरक्षित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि जल, जंगल और जमीन पर मूलवासी सदानों का भी उतना ही हक है, क्योंकि सदान समाज झारखंड का सबसे पुराना मूलनिवासी समाज है। इसमें सदानों का भी ख्याल रखा जाना चाहिए। प्रोफेसर अरविंद कुमार ने कहा कि पांचवीं अनुसूचित क्षेत्र के नाम पर मूलवासी सदानों को गुलाम बनाया जा रहा है, जो संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। बै...