अजमेर, मार्च 24 -- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (RBSE) के 10वीं के नतीजों में इस बार एक ऐसी कहानी सामने आई है, जिसने पूरे प्रदेश को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ये सिर्फ नंबरों की खबर नहीं, बल्कि हालात से लड़कर खुद को साबित करने की जिद की कहानी है। जालोर जिले के चितलवाना उपखंड के छोटे से गांव परावा की रहने वाली चंद्रिका विश्नोई ने 99 प्रतिशत अंक हासिल कर यह बता दिया कि किस्मत नहीं, मेहनत इंसान की असली पहचान होती है।पिता सलाखों के पीछे, बेटी ने खोला सफलता का दरवाजा चंद्रिका की यह कामयाबी इसलिए भी खास बन जाती है क्योंकि उसके पिता गोपाल सारण इस समय जेल में हैं। कभी राजस्थान पुलिस में सब-इंस्पेक्टर रहे गोपाल सारण का नाम पेपर लीक जैसे बड़े मामले में सामने आया था। आरोप है कि उन्होंने पेपर लीक माफिया के साथ मिलकर भर्ती परीक्षाओं में धांधली की। स...