देहरादून, नवम्बर 29 -- पेपर लीक कांड में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन की गिरफ्तारी ने पुलिस की जांच पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस प्रोफेसर को सीबीआई ने सलाखों के पीछे भेजा, केस खुलने पर पुलिस उसे बचाने के साथ सरकारी गवाह बनाने की पटकथा लिख रही थी। जब देहरादून एसएसपी कार्यालय में इस हाई-प्रोफाइल केस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई गई थी, उस वक्त राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष भी वहां मौजूद थे। हैरानी की बात यह थी कि जिस असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन पर आज साजिश रचने का आरोप है और अब वह गिरफ्तार भी हो गई है, उसे उस पत्रकार वार्ता में पुलिस ने आरोपी की बजाय एक सहयोगी की तरह पेश किया था। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब प्रोफेसर सुमन की संदिग्ध भूमिका को लेकर तीखे सवाल पूछे थे, तो पुलिस अफसर ढाल बनकर सामने आ गए थे। उन्होंने न केवल सुमन का ब...
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