मुजफ्फर नगर, जनवरी 28 -- संसद का बजट सत्र बुधवार से शुरू हो गया है, जिस पर पूरे देश के उद्योग जगत की निगाहें टिकी हैं। ऐसे में मुजफ्फरनगर के व्यापारी और उद्यमी भी इस बजट से बड़ी उम्मीदें लगाए बैठे हैं। खासतौर पर पेपर मिल, रोलिंग मिल सहित स्टील उद्योग से जुड़े कारोबारी राहत की मांग कर रहे हैं। उद्योगों पर बढ़ती लागत, सख्त नियम और टैक्स बोझ से व्यापार खुद को त्रस्त महसूस करते हैं, जिस कारण इस केंद्रीय बजट में जीएसटी स्लैब से लेकर उद्यमियों को इनकम टैक्स में छूट की उम्मीद लगा रहे हैं। -- मुजफ्फरनगर में पेपर मिलों का संचालन है और सरकार को मोटा टैक्स यहां से जमा होता है, लेकिन सरकार के कई कठोर नियमों का बोझ पेपर मिल उद्योग झेल रहा है। पेपर मिलों पर पहले 12 प्रतिशत का जीएसटी था, जिसे बढ़ाकर 18 प्रतिशत किया गया, जो अधिक है। सरकार इस बजट में पुन:...
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