नई दिल्ली, जनवरी 27 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों को साथ-साथ चलना होगा। चीफ जस्टिस सूर्या कांत, जस्टिस आर. महादेवन और जस्टिस जोयमाल्य बागची की पीठ अहमदाबाद के हंसोल गांव के एक निवासी की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में साबरमती रिवरफ्रंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के दूसरे चरण के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई पर रोक लगाने की मांग की गई थी। हालांकि, अदालत ने पेड़ों की कटाई में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। बार एंड बेच की रिपोर्ट के मुताबिक कोर्ट ने सुनवाई के दौरान टिप्पणी की कि जिन पेड़ों को काटा गया है, वे 'वाइल्ड ग्रोथ' (जंगली विकास) का हिस्सा थे और उनके पुनर्विकास के लिए बहुत ज्यादा कोशिश की जरूरत नहीं होती। सीजेआई सूर्या कांत ने कहा कि समय के सा...