नई दिल्ली, जुलाई 9 -- राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के मामले में उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) को 2.65 करोड़ रुपये से अधिक के पर्यावरणीय मुआवजे की वसूली की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। एनजीटी ने बोर्ड को इस संबंध में लंबित कार्रवाई तीन महीने के भीतर पूरी करने को कहा है। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने आदेश में कहा कि यूपीपीसीबी ने 33 पेड़ों की अवैध कटाई के लिए 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा आंका है और इसे लगाने की प्रक्रिया जारी है। यह भी पढ़ें- बीएचयू से 2.65 करोड़ वसूलने की कार्यवाही पूरी करे यूपीपीसीबी हालांकि, एनजीटी ने यह भी नोट किया कि पहले दिए गए तीन महीने की समय सीमा के भी...