कानपुर, अगस्त 20 -- Kanpur News: कानपुर में जिंदगी और मौत के बीच फंसे 10वीं के छात्र विशाल की सांसें थमने को थीं। हादसे में करीब तीन फीट लाठी उसके पेट को चीरती हुई अंदर तक जा घुसी थी। शरीर से खून बह रहा था और हर गुजरता पल खतरे को बढ़ा रहा था। तिर्वा मेडिकल कॉलेज में हालत गंभीर बताकर उसे कानपुर रेफर किया गया। आखिरकार कानपुर पहुंचने पर एक निजी अस्पताल की टीम ने मोर्चा संभाला। करीब चार घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान बाहर दिख रहे लाठी के हिस्से को ग्राइंडर से काटा। इसके बाद लाठी को 1-1 इंच करके धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। डॉक्टरों की मेहनत से विशाल की जान बच गई। अब वह खतरे से बाहर है। कन्नौज के तालग्राम के निकवां गांव के शिवपाल यादव ट्रक ड्राइवर हैं। परिवार में पत्नी विनीता यादव और तीन बच्चे हैं। उनमें सबसे बड़ा विशाल (18) हाईस्कूल का छात्र ह...