ललितपुर, जनवरी 19 -- एक से 19 वर्ष के बच्चों और किशोरों के शारीरिक और मानसिक विकास में आने वाली बाधाओं को दूर उनके पेट के कीड़ों को मारा जाएगा। इसके लिए आगामी दस तारीख को अभियान चलाकर इनको एंल्बेडाजोल की एक-एक गोली खिलाई जाएगी। विभागीय अफसर उसको सफल बनाने की तैयारी में जुट गए हैं। कार्यक्रम की तैयारी को लेकर आयोजित बैठक दौरान उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि मिट्टी से फैलने वाले कृमि भारत में एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती हैं। कृमि बच्चों के शरीर में पोषक तत्वों के अवशोषण में बाधा डालते हैं, जिससे एनीमिया, कुपोषण और संज्ञानात्मक विकास में गिरावट जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस इन समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रभावी उपाय है। अभियान के तहत एक से दो वर्ष तक के बच्चों के लिए एल्बेंडाजोल की आधी गोली 200 मि...