अररिया, मई 15 -- फारबिसगंज, निज संवाददाता। डीजल और पेट्रोल की कीमतों में अचानक हुई अप्रत्याशित वृद्धि का असर अब धीरे-धीरे जिले की अर्थव्यवस्था और आम जनजीवन पर साफ दिखाई देने लगा है। जहां एक ओर पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भीड़ पहले की तुलना में कम होने लगी है, वहीं दूसरी ओर बढ़ी कीमतों ने किसान, छोटे व्यवसायी, ट्रांसपोर्टर, फैक्ट्री संचालक और आम परिवारों की चिंता बढ़ा दी है। लोगों का कहना है कि तेल की कीमत बढ़ते ही सिर्फ वाहन चलाना ही महंगा नहीं होता, बल्कि इसका असर सब्जी से लेकर निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की हर चीज पर पड़ता है। आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अररिया जिले में विभिन्न कंपनियों के करीब 115 पेट्रोल पंप संचालित हैं। इनमें इंडियन ऑयल के लगभग 70, हिंदुस्तान पेट्रोलियम के 25, भारत पेट्रोलियम के 17, रिलायंस का एक तथा नाय...