नई दिल्ली, जून 2 -- Supreme Court on pension: सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी कर्मचारियों के पेंशन को लेकर एक अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी को केवल इस आधार पर पेंशन से वंचित नहीं किया जा सकता कि उसकी सेवा को औपचारिक रूप से नियमित (रेगुलराइज) नहीं किया गया था। कोर्ट ने यह टिप्पणी बिहार के एक मामले में की है।क्या है मामला? दरअसल, बिहार की एक महिला के पति ने डाक विभाग में करीब 30 वर्षों तक कैजुअल लेबर (अस्थायी कर्मचारी) के रूप में काम किया था। लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद उनकी नौकरी नियमित नहीं की गई थी। कर्मचारी की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी ने पारिवारिक पेंशन की मांग की, लेकिन केंद्र सरकार ने यह कहते हुए दावा खारिज कर दिया कि कर्मचारी की सेवा कभी नियमित नहीं हुई थी, इसलिए वह पेंशन का हकदार नहीं था। अब सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि...