रांची, मई 8 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के पेंशन मामले में महत्वपूर्ण आदेश दिया है। जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने स्पष्ट किया है कि जिन कर्मचारियों की सेवाएं बाद में नियमित की गई हैं, उनकी पेंशन योग्य सेवा की गणना प्रारंभिक नियुक्ति की तिथि से की जाएगी। केवल नियमितीकरण की तिथि से सेवा जोड़कर पेंशन तय नहीं की जा सकती।

कर्मचारियों की पेंशन का मुद्दा यह मामला लघु सिंचाई विभाग के कई दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों से जुड़ा है, जिन्होंने वर्षों तक विभाग में काम किया और बाद में उनकी सेवाएं नियमित की गईं। लेकिन विभाग ने उनकी पेंशन की गणना नियमितीकरण की तिथि से शुरू की, जिस कारण अधिकांश कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना के लिए जरूरी 10 वर्ष की सेवा पूरी नहीं कर सके।

हाईकोर्ट में दायर याचिका कर्मचारियों ने इसके खि...