बहराइच, मई 30 -- बहराइच। वरिष्ठ कोषाधिकारी नरोत्तम शरण ने कहा कि कई प्रकरणों में पेंशनर या पारिवारिक पेंशनर की मृत्यु के बाद परिजनों द्वारा कोषागार को सूचना न देने से अधिक भुगतान हो जाता है। बाद में जानकारी मिलने पर वसूली करनी पड़ती है, जिससे परिजनों को परेशानी झेलनी पड़ती है। बताया कि मृत्यु होने पर तत्काल कोषागार को सूचित करें। यह परिजनों का नैतिक और विधिक कर्तव्य है। चेतावनी दी कि सूचना न देने पर अधिक भुगतानित धनराशि बैंक के माध्यम से या भू-राजस्व बकाये की भांति वसूल की जाएगी।

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