हल्द्वानी, सितम्बर 4 -- हल्द्वानी, संवाददाता। पेंशन राशिकरण कटौती की अवधि घटाने और 65 से 80 वर्ष की आयु पर 5% से 15% अतिरिक्त पेंशन वृद्धि की मांग को लेकर गठित समिति के 22 माह बाद शासन ने इसे 8वें वेतन आयोग की संस्तुति पर टाल दिया है। इस यू-टर्न से प्रदेश के लगभग 1.50 लाख पेंशनर्स में भारी नाराजगी है। उत्तराखण्ड कार्मिक एकता मंच के संस्थापक अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त सहायक लेखा परीक्षा अधिकारी रमेश चन्द्र पाण्डे ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की है। पाण्डे के अनुसार, वित्त विभाग ने 11 नवंबर 2024 को निदेशक (कोषागार) की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित कर 30 दिन में रिपोर्ट मांगी थी। यह भी पढ़ें- फिटमेंट, इंक्रीमेंट और पेंशन...8वें वेतन आयोग के फोकस में तीन बड़े ...