बागपत, अप्रैल 21 -- बड़ौत। गत वर्ष रोपे गए 60 फीसदी पौधे लापरवाही की 'लू' में दम तोड़ चुके हैं। हर साल लाखों पौधे लगाने के बाद भी न तो जिले में भरपूर हरियाली छा सकी है और न ही प्रदूषण का स्तर कम होने जैसी कोई बात हुई है। वन विभाग हर बारिश से पहले लाखों पौधे लगवाता है। इस पर लाखों रुपए भी खर्च होते हैं। इसके बावजूद इनमें से आधे से अधिक पौधे देखरेख और सुरक्षा नहीं मिलने पर समय से पहले ही दम तोड़ देते हैं। वहीं गत वर्ष हिंडन, कृष्णा, पूर्वी यमुना किनारे, कालोनियों, पार्कों, तालाब किनारे आदि के आसपास पौधारोपण किया, लेकिन रखरखाव के अभाव में पौधों ने दम तोड़ दिया। यह भी पढ़ें- तीन वर्षों में रोपे गए दो करोड़ पौधे, नहीं बढ़ी हरियाली बता दें कि वन विभाग द्वारा 2 दर्जन से अधिक विभागों को दिए गए लक्ष्य को पूरा करने के लिए पौधे भी उपलब्ध कराए जाते हैं। ...