पृथ्वी को बचाने के लिए मनुष्य की चेतना में परिवर्तन आवश्यक- आचार्य प्रशांत
नोएडा, जुलाई 19 -- ग्रेटर नोएडा, कार्यालय संवाददाता। शहर के नॉलेज पार्क स्थित आईआईएमटी कॉलेज में आयोजित वीकेंड विद मास्टर गीता सत्र में आचार्य प्रशांत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन, महिला सशक्तिकरण, मांसाहार, मानसिक तनाव और सामाजिक असमानता जैसी समस्याओं की जड़ मनुष्य की अचेतन जीवनशैली और आत्मज्ञान का अभाव है। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति स्वयं को नहीं समझेगा, तब तक बाहरी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव नहीं है। आचार्य प्रशांत ने कहा कि जलवायु परिवर्तन केवल तकनीकी या राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि मनुष्य की असीम उपभोग प्रवृत्ति का परिणाम है। जब व्यक्ति अपनी इच्छाओं और लालसाओं पर नियंत्रण नहीं रखता, तब प्रकृति का अंधाधुंध दोहन शुरू होता है। उन्होंने कहा कि पृथ्वी को बचाने के लिए केवल नीतियां नहीं, बल्कि मनुष्य की चेतना में परिवर्तन आवश्यक है。 यह भ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.