नई दिल्ली, जुलाई 21 -- सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को एक सेवानिवृत्त सीआरपीएफ अधिकारी को बकाया वेतन, संशोधित पेंशन लाभ और कानूनी खर्च के तौर पर 10 लाख रुपये देने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि 25 साल से ज्यादा समय तक चले अनुशासनात्मक मामले में अधिकारियों द्वारा कोर्ट के आदेशों को ठीक से लागू न करने के कारण उनका करियर खराब हुआ। हालांकि, जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की पीठ ने प्रकाश कुमार दीक्षित को इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) के पद पर प्रमोट करने का आदेश देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि वे इस पद के लिए जरूरी योग्यता शर्तें पूरी नहीं करते थे। अदालत ने अधिकारियों की 'लापरवाही' और 'बेपरवाह रवैये' की आलोचना की। पीठ ने कहा कि सीआरपीएफ में एक होनहार करियर बेवजह छोटा कर दिया गया। पीठ ने कहा कि सजा की अवधि 10 जुलाई, 1998 को खत्म हो गई ...