नई दिल्ली, अप्रैल 15 -- सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तीन दशक से अधिक समय पहले भारतीय वायुसेना के एक अधिकारी को गलत तरीके से बर्खास्त करने के आदेश को रद्द कर दिया। संबंधित मामला एक कनिष्ठ सहकर्मी के खिलाफ कथित तौर पर आपराधिक बल का इस्तेमाल किए जाने से जुड़ा था। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता और न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन की पीठ ने पाया कि 22 सितंबर, 1993 को पूर्व स्क्वाड्रन लीडर आर. सूद को अनुचित रूप से सजा दी गई थी, जबकि उनके कमांडिंग ऑफिसर-विंग कमांडर रैंक के अधिकारी के प्रति नरमी दिखाई गई, जिनके आदेश का सूद ने पालन किया था। पीठ ने कहा कि न्याय की मांग है कि जिस अपमान के साथ अपीलकर्ता (सूद) को पिछले तीन दशकों से अधिक समय तक जीवित रहना पड़ा, उसे खत्म किया जाए, उनकी सेवा की गलत समाप्ति रद्द की जाए और उनका सम्मान बहाल किया जाए। यह भी पढ़ें- जस्ट...