बागपत, जनवरी 27 -- रमाला। किशनपुर बिराल गांव जंगल में सोमवार को पूर्वी यमुना नहर की पटरी टूटने से क्षेत्र के सैकड़ों किसानों की हजारों बीघा गेहूं और गन्ने की फसल जलमग्न होकर बर्बाद हो गई। नहर टूटने की सूचना पर सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान और बड़ी संख्या में किसान मौके पर पहुंचे और सिंचाई विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सांसद ने पीड़ित किसानों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। किसानों का कहना है कि पूर्वी यमुना नहर की सफाई और मरम्मत के लिए सरकार द्वारा 15 से 16 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन इसके बावजूद नहर की स्थिति कमजोर बनी हुई है। आरोप है कि न तो नहर की तली को समतल किया गया और न ही किनारों पर डोरी लाइन का सही तरीके से पालन हुआ। आरोप लगाया कि किशनपुर झाल के गेट बंद रहने के कारण नहर में पानी का दबाव बढ़ गया, जिससे नहर टूट गई औ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.