मोतिहारी, जुलाई 1 -- मोतिहारी । पूर्वी चंपारण जिले में टीबी बीमारी से जूझ रहे मरीजों को उनके हाल के भरोसे छोड़ दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग की खुद की जनवरी से जून 2026 की समीक्षा रिपोर्ट इसका बड़ा खुलासा कर रही है। बिहार में 1.14 लाख टीबी मरीजों में से सिर्फ 2.5 प्रतिशत को पोषण किट मिली और 36 जिले 'रेड जोन' में डाल दिए गए। लेकिन सबसे खराब स्थिति पूर्वी चंपारण जिले की है। जिले में टीबी के कुल 5153 मरीज हैं। इनमें सरकारी कागज के अनुसार, इनमें से सिर्फ 4 से 5 मरीजों को पोषण किट मिल पाई। यानी 99.6 प्रतिशत मरीज बिना किसी अतिरिक्त पोषण के दवा लेने को मजबूर हैं। डॉक्टर यूएस पाठक के अनुसार टीबी की दवाएं शरीर को अंदर तक खोखला कर देती हैं। डॉक्टर कहते हैं कि बिना प्रोटीन, दूध और फल के दवा का असर आधा रह जाता है और मरीज MDR जैसी घातक बीमारी की चपेट म...