पूर्वजों के स्मरण के दिन आज से, तर्पण की तैयारियां पूरी
उरई, सितम्बर 25 -- कुसमिलिया। संवाददाता पितृपक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से हो रही है। ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सनातन परंपरा में भाद्रपद शुक्ल पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक के 16 दिन पितरों के तर्पण और पिंडदान के लिए बेहद पवित्र माने जाते हैं। घाटों की सफाई से लेकर तर्पण सामग्री जुटाने तक गांवों में आध्यात्मिक उत्साह देखने को मिल रहा है।पितृपक्ष को लेकर गांवों में जलाशयों, नदियों और पोखरों के घाटों की सफाई की जा रही है ताकि श्रद्धालु सुबह स्नान कर पितरों को तिल और जल अर्पित कर सकें। बाजारों में तिल, जौ, कुश, गंगाजल और ब्राह्मण भोज की सामग्री की मांग बढ़ गई है। यह भी पढ़ें- भाद्रपद पूर्णिमा से आश्विन अमावस्या तक चलेगा पितृ पक्ष लोगों ने अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार पंडितों से श्राद्ध कर्म की जानकारी ...
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